व्रत और त्योहार — नवंबर 2085

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-11-2085
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
त्योहार कार्तिक पूर्णिमा · गुरु नानक जयंती · देव दीपावलीव्रत पूर्णिमा
13-11-2085
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत उत्पन्ना एकादशी
14-11-2085
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-11-2085
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
16-11-2085
शुक्रवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
संक्रांति वृश्चिक संक्रांति · 22:49
17-11-2085
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
27-11-2085
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
28-11-2085
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-11-2085 पूर्णिमा अश्विनी 06:41 18:02
02-11-2085 प्रतिपदा भरणी 06:41 18:02
03-11-2085 द्वितीया कृत्तिका 06:42 18:01
04-11-2085 तृतीया रोहिणी 06:43 18:01
05-11-2085 चतुर्थी मृगशिरा 06:43 18:00
06-11-2085 पंचमी आर्द्रा 06:44 18:00
07-11-2085 षष्ठी पुनर्वसु 06:44 17:59
08-11-2085 सप्तमी पुष्य 06:45 17:59
09-11-2085 अष्टमी आश्लेषा 06:45 17:59
10-11-2085 नवमी मघा 06:46 17:58
11-11-2085 दशमी मघा 06:46 17:58
12-11-2085 दशमी पूर्वा फाल्गुनी 06:47 17:57
13-11-2085 एकादशी उत्तरा फाल्गुनी 06:48 17:57
14-11-2085 द्वादशी हस्त 06:48 17:57
15-11-2085 त्रयोदशी चित्रा 06:49 17:57
16-11-2085 चतुर्दशी स्वाति 06:49 17:56
17-11-2085 अमावस्या विशाखा 06:50 17:56
18-11-2085 प्रतिपदा अनुराधा 06:51 17:56
19-11-2085 द्वितीया ज्येष्ठा 06:51 17:56
20-11-2085 तृतीया मूल 06:52 17:56
21-11-2085 चतुर्थी पूर्वाषाढ़ा 06:52 17:56
22-11-2085 पंचमी उत्तराषाढ़ा 06:53 17:55
23-11-2085 सप्तमी श्रवण 06:54 17:55
24-11-2085 अष्टमी धनिष्ठा 06:54 17:55
25-11-2085 नवमी शतभिषा 06:55 17:55
26-11-2085 दशमी पूर्वा भाद्रपद 06:56 17:55
27-11-2085 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 06:56 17:55
28-11-2085 द्वादशी रेवती 06:57 17:55
29-11-2085 त्रयोदशी भरणी 06:58 17:55
30-11-2085 चतुर्दशी कृत्तिका 06:58 17:55

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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