शनि का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 9 अक्टूबर 2026: हर जन्म नक्षत्र पर प्रभाव
✨ प्रकाशित 06-10-2026, 05:05
शनि 9 अक्टूबर 2026 को 20:51 बजे रेवती से उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में जाएंगे। सभी 27 जन्म नक्षत्रों पर प्रभाव।
शनि 9 अक्टूबर 2026 को 20:51 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) रेवती से निकलकर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र (मीन राशि) में प्रवेश करेंगे।
उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र
स्वामी शनि; देवता अहिर्बुध्न्य, प्रतीक शय्या का पिछला भाग, जुड़वां। स्वभाव स्थिर (ध्रुव), गण मनुष्य।
शनि कर्म, अनुशासन, श्रमिक, विलंब और लंबे परिश्रम का फल के कारक हैं; आने वाले समय में इन विषयों पर उत्तरा भाद्रपद और इसके स्वामी शनि का रंग रहेगा।
हर जन्म नक्षत्र के लिए (तारा बल)
अपने जन्म नक्षत्र से गिनकर, जिस नक्षत्र में ग्रह अब प्रवेश कर रहा है:
- पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद — जन्म तारा (आपका अपना नक्षत्र): काम-काज और परिश्रम का दबाव मन और शरीर पर — दिनचर्या स्थिर रखें, जल्दबाज़ी के निर्णय टालें।
- पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा भाद्रपद — संपत तारा (धन): काम-काज और परिश्रम से लाभ और सहयोग।
- आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा — विपत तारा (विपत्ति): काम-काज और परिश्रम में बाधा और हानि — वचन देने से पहले जांच लें।
- मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा — क्षेम तारा (कुशलता): काम-काज और परिश्रम में सुख और सहजता।
- रोहिणी, हस्त, श्रवण — प्रत्यक तारा (विरोध): काम-काज और परिश्रम में दूसरे आड़े आ सकते हैं — विवाद टालें।
- कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा — साधना तारा (सिद्धि): काम-काज और परिश्रम में प्रयास सफल — कार्य पूरा करने का अच्छा समय।
- भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा — नैधन तारा (सबसे कठिन): स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और काम-काज और परिश्रम में जोखिम न लें।
- अश्विनी, मघा, मूल — मित्र तारा: काम-काज और परिश्रम में मित्र और शुभचिंतक सहायता करेंगे।
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती — परम मित्र तारा: काम-काज और परिश्रम में प्रबल सहयोग और शुभ समाचार।
नक्षत्र गोचर राशि गोचर और आपकी कुंडली की दशा के ऊपर एक सूक्ष्म परत है; यह सप्ताहों का रंग बताता है, निर्णय नहीं करता।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।