गुरु का सिंह राशि में गोचर 31 अक्टूबर 2026: सभी 12 राशियों पर प्रभाव
🪐 प्रकाशित 24-10-2026, 14:38
गुरु 31 अक्टूबर 2026 को 12:02 बजे कर्क से सिंह राशि में जाएंगे। हर चंद्र राशि पर गोचर का प्रभाव।
गुरु 31 अक्टूबर 2026 को 12:02 बजे (भारतीय समय, नई दिल्ली) कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
ये 25 जनवरी 2027 तक सिंह में रहेंगे।
इस दौरान: 13 दिसंबर 2026 को वक्री।
इस गोचर का स्वभाव
गुरु ज्ञान, गुरु, संतान, धन, विवाह और धर्म के कारक हैं। सिंह गुरु के मित्र की राशि है: यहां ये सहजता से कार्य करते हैं। ये मघा नक्षत्र से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
हर चंद्र राशि के लिए
गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। शास्त्रीय नियमों के अनुसार संक्षेप में:
- मेष (पांचवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से पांचवें भाव (संतान, शिक्षा, प्रेम और विचार) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- वृषभ (चौथे भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव (घर, माता, संपत्ति और मन की शांति) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- मिथुन (तीसरे भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से तीसरे भाव (साहस, भाई-बहन और छोटी यात्राएं) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कर्क (दूसरे भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- सिंह (पहले भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से पहले भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कन्या (बारहवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से बारहवें भाव (व्यय, नींद, विदेश और त्याग) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- तुला (ग्यारहवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव (लाभ, आय और मित्र) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- वृश्चिक (दसवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से दसवें भाव (करियर, पद और सार्वजनिक जीवन) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- धनु (नौवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से नौवें भाव (भाग्य, पिता, गुरु और लंबी यात्राएं) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मकर (आठवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव (अचानक परिवर्तन, शोध और पुराने विषय) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
- कुंभ (सातवें भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव (विवाह, साझेदारी और व्यापारिक संबंध) में गोचर करेंगे — शास्त्रीय गोचर में यह शुभ स्थिति है।
- मीन (छठे भाव): गुरु आपकी चंद्र राशि से छठे भाव (स्वास्थ्य, ऋण, प्रतिस्पर्धा और दैनिक कार्य) में गोचर करेंगे — इस स्थिति में धैर्य और सावधानी रखें।
सरल उपाय
वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मकर, मीन के लिए: गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करें; गुरुवार को हल्दी, चने की दाल या पीला वस्त्र दान करें।
गोचर को अपनी कुंडली और चल रही दशा के साथ पढ़ें; किसी ग्रह का फल आपकी कुंडली में उसके बल पर निर्भर करता है।
सामान्य फल केवल शुरुआत है: देखें कि यह आपकी अपनी कुंडली में कैसा है।