व्रत और त्योहार — जुलाई 1946

बंगलौर, Bangalore Urban, Karnataka, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
09-07-1946
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
11-07-1946
गुरुवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-07-1946
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
16-07-1946
मंगलवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
संक्रांति कर्क संक्रांति · 11:44
17-07-1946
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
26-07-1946
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-07-1946
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-1946 तृतीया पुष्य 05:56 18:49
02-07-1946 चतुर्थी आश्लेषा 05:56 18:49
03-07-1946 पंचमी मघा 05:57 18:49
04-07-1946 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 05:57 18:50
05-07-1946 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 05:57 18:50
06-07-1946 अष्टमी हस्त 05:57 18:50
07-07-1946 नवमी चित्रा 05:58 18:50
08-07-1946 दशमी स्वाति 05:58 18:50
09-07-1946 एकादशी विशाखा 05:58 18:50
10-07-1946 एकादशी अनुराधा 05:59 18:50
11-07-1946 द्वादशी ज्येष्ठा 05:59 18:50
12-07-1946 त्रयोदशी ज्येष्ठा 05:59 18:50
13-07-1946 चतुर्दशी मूल 05:59 18:50
14-07-1946 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 06:00 18:50
15-07-1946 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 06:00 18:50
16-07-1946 द्वितीया श्रवण 06:00 18:50
17-07-1946 तृतीया धनिष्ठा 06:01 18:49
18-07-1946 चतुर्थी शतभिषा 06:01 18:49
19-07-1946 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 06:01 18:49
20-07-1946 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 06:01 18:49
21-07-1946 सप्तमी रेवती 06:02 18:49
22-07-1946 अष्टमी अश्विनी 06:02 18:49
23-07-1946 नवमी भरणी 06:02 18:49
24-07-1946 दशमी कृत्तिका 06:02 18:48
25-07-1946 द्वादशी रोहिणी 06:03 18:48
26-07-1946 त्रयोदशी मृगशिरा 06:03 18:48
27-07-1946 चतुर्दशी पुनर्वसु 06:03 18:48
28-07-1946 अमावस्या पुष्य 06:03 18:48
29-07-1946 प्रतिपदा आश्लेषा 06:04 18:47
30-07-1946 द्वितीया मघा 06:04 18:47
31-07-1946 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 06:04 18:47

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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