व्रत और त्योहार — दिसंबर 1981

बंगलौर, Bangalore Urban, Karnataka, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
07-12-1981
सोमवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंती
09-12-1981
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
11-12-1981
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
14-12-1981
सोमवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-12-1981
मंगलवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 21:28
21-12-1981
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
23-12-1981
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
24-12-1981
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
26-12-1981
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1981 पंचमी उत्तराषाढ़ा 06:25 17:51
02-12-1981 पंचमी श्रवण 06:26 17:51
03-12-1981 षष्ठी धनिष्ठा 06:26 17:51
04-12-1981 सप्तमी शतभिषा 06:27 17:52
05-12-1981 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 06:27 17:52
06-12-1981 नवमी उत्तरा भाद्रपद 06:28 17:52
07-12-1981 दशमी रेवती 06:28 17:53
08-12-1981 द्वादशी अश्विनी 06:29 17:53
09-12-1981 त्रयोदशी भरणी 06:30 17:53
10-12-1981 चतुर्दशी कृत्तिका 06:30 17:54
11-12-1981 पूर्णिमा रोहिणी 06:31 17:54
12-12-1981 प्रतिपदा मृगशिरा 06:31 17:54
13-12-1981 द्वितीया पुनर्वसु 06:32 17:55
14-12-1981 चतुर्थी पुष्य 06:32 17:55
15-12-1981 पंचमी आश्लेषा 06:33 17:56
16-12-1981 षष्ठी मघा 06:33 17:56
17-12-1981 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 06:34 17:56
18-12-1981 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 06:34 17:57
19-12-1981 नवमी हस्त 06:35 17:57
20-12-1981 दशमी चित्रा 06:35 17:58
21-12-1981 एकादशी स्वाति 06:36 17:58
22-12-1981 द्वादशी स्वाति 06:36 17:59
23-12-1981 द्वादशी विशाखा 06:37 17:59
24-12-1981 त्रयोदशी अनुराधा 06:37 18:00
25-12-1981 चतुर्दशी ज्येष्ठा 06:38 18:00
26-12-1981 अमावस्या मूल 06:38 18:01
27-12-1981 प्रतिपदा पूर्वाषाढ़ा 06:39 18:01
28-12-1981 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 06:39 18:02
29-12-1981 तृतीया श्रवण 06:40 18:02
30-12-1981 चतुर्थी धनिष्ठा 06:40 18:03
31-12-1981 पंचमी शतभिषा 06:41 18:04

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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