व्रत और त्योहार — मई 2064

भोपाल, Bhopāl, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-05-2064
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार बुद्ध पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
11-05-2064
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत अपरा एकादशी
13-05-2064
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-05-2064
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
15-05-2064
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
संक्रांति वृषभ संक्रांति · 00:02
16-05-2064
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार वट सावित्री व्रत · शनि जयंतीव्रत अमावस्या
28-05-2064
बुधवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ (अधिक)
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
30-05-2064
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ (अधिक)
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-05-2064 पूर्णिमा स्वाति 05:46 18:48
02-05-2064 द्वितीया विशाखा 05:45 18:49
03-05-2064 तृतीया अनुराधा 05:45 18:49
04-05-2064 चतुर्थी ज्येष्ठा 05:44 18:50
05-05-2064 पंचमी मूल 05:43 18:50
06-05-2064 षष्ठी पूर्वाषाढ़ा 05:43 18:50
07-05-2064 सप्तमी उत्तराषाढ़ा 05:42 18:51
08-05-2064 अष्टमी श्रवण 05:42 18:51
09-05-2064 नवमी धनिष्ठा 05:41 18:52
10-05-2064 दशमी शतभिषा 05:41 18:52
11-05-2064 एकादशी पूर्वा भाद्रपद 05:40 18:53
12-05-2064 एकादशी उत्तरा भाद्रपद 05:40 18:53
13-05-2064 द्वादशी रेवती 05:39 18:54
14-05-2064 त्रयोदशी अश्विनी 05:39 18:54
15-05-2064 चतुर्दशी भरणी 05:38 18:55
16-05-2064 अमावस्या भरणी 05:38 18:55
17-05-2064 प्रतिपदा कृत्तिका 05:37 18:56
18-05-2064 द्वितीया रोहिणी 05:37 18:56
19-05-2064 तृतीया मृगशिरा 05:37 18:57
20-05-2064 चतुर्थी आर्द्रा 05:36 18:57
21-05-2064 पंचमी पुनर्वसु 05:36 18:58
22-05-2064 षष्ठी पुष्य 05:36 18:58
23-05-2064 सप्तमी आश्लेषा 05:35 18:58
24-05-2064 अष्टमी मघा 05:35 18:59
25-05-2064 नवमी पूर्वा फाल्गुनी 05:35 18:59
26-05-2064 दशमी हस्त 05:34 19:00
27-05-2064 द्वादशी चित्रा 05:34 19:00
28-05-2064 त्रयोदशी स्वाति 05:34 19:01
29-05-2064 चतुर्दशी विशाखा 05:34 19:01
30-05-2064 पूर्णिमा अनुराधा 05:34 19:02
31-05-2064 प्रतिपदा ज्येष्ठा 05:34 19:02

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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