व्रत और त्योहार — जून 1946

फरीदाबाद, Faridabad District, Haryana, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
09-06-1946
रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
10-06-1946
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
11-06-1946
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-06-1946
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
15-06-1946
शनिवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 00:49
18-06-1946
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
25-06-1946
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
27-06-1946
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
29-06-1946
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-1946 द्वितीया मृगशिरा 05:23 19:13
02-06-1946 तृतीया आर्द्रा 05:23 19:13
03-06-1946 चतुर्थी पुनर्वसु 05:23 19:14
04-06-1946 पंचमी पुष्य 05:22 19:14
05-06-1946 षष्ठी मघा 05:22 19:15
06-06-1946 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 05:22 19:15
07-06-1946 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 05:22 19:16
08-06-1946 नवमी उत्तरा फाल्गुनी 05:22 19:16
09-06-1946 दशमी हस्त 05:22 19:17
10-06-1946 एकादशी चित्रा 05:22 19:17
11-06-1946 द्वादशी स्वाति 05:22 19:17
12-06-1946 त्रयोदशी विशाखा 05:22 19:18
13-06-1946 चतुर्दशी अनुराधा 05:22 19:18
14-06-1946 पूर्णिमा ज्येष्ठा 05:22 19:18
15-06-1946 प्रतिपदा मूल 05:22 19:19
16-06-1946 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 05:22 19:19
17-06-1946 तृतीया पूर्वाषाढ़ा 05:22 19:19
18-06-1946 तृतीया उत्तराषाढ़ा 05:22 19:20
19-06-1946 चतुर्थी श्रवण 05:23 19:20
20-06-1946 पंचमी धनिष्ठा 05:23 19:20
21-06-1946 षष्ठी शतभिषा 05:23 19:20
22-06-1946 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 05:23 19:21
23-06-1946 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 05:23 19:21
24-06-1946 दशमी रेवती 05:24 19:21
25-06-1946 एकादशी अश्विनी 05:24 19:21
26-06-1946 द्वादशी भरणी 05:24 19:21
27-06-1946 त्रयोदशी रोहिणी 05:24 19:21
28-06-1946 चतुर्दशी मृगशिरा 05:25 19:22
29-06-1946 अमावस्या आर्द्रा 05:25 19:22
30-06-1946 प्रतिपदा पुनर्वसु 05:25 19:22

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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