व्रत और त्योहार — दिसंबर 2064

फरीदाबाद, Faridabad District, Haryana, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
04-12-2064
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत उत्पन्ना एकादशी
06-12-2064
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
08-12-2064
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत अमावस्या
16-12-2064
मंगलवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
संक्रांति धनु संक्रांति · 04:16
19-12-2064
शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
21-12-2064
रविवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
23-12-2064
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
27-12-2064
शनिवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2064 सप्तमी मघा 06:55 17:24
02-12-2064 अष्टमी पूर्वा फाल्गुनी 06:56 17:24
03-12-2064 दशमी उत्तरा फाल्गुनी 06:57 17:24
04-12-2064 एकादशी हस्त 06:57 17:24
05-12-2064 द्वादशी चित्रा 06:58 17:24
06-12-2064 त्रयोदशी स्वाति 06:59 17:24
07-12-2064 चतुर्दशी अनुराधा 07:00 17:24
08-12-2064 अमावस्या ज्येष्ठा 07:00 17:24
09-12-2064 प्रतिपदा मूल 07:01 17:24
10-12-2064 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:02 17:25
11-12-2064 चतुर्थी उत्तराषाढ़ा 07:02 17:25
12-12-2064 पंचमी श्रवण 07:03 17:25
13-12-2064 षष्ठी धनिष्ठा 07:04 17:26
14-12-2064 सप्तमी शतभिषा 07:04 17:26
15-12-2064 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:05 17:26
16-12-2064 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:05 17:27
17-12-2064 नवमी उत्तरा भाद्रपद 07:06 17:27
18-12-2064 दशमी रेवती 07:07 17:27
19-12-2064 एकादशी अश्विनी 07:07 17:28
20-12-2064 द्वादशी भरणी 07:08 17:28
21-12-2064 त्रयोदशी कृत्तिका 07:08 17:29
22-12-2064 चतुर्दशी रोहिणी 07:09 17:29
23-12-2064 पूर्णिमा मृगशिरा 07:09 17:30
24-12-2064 प्रतिपदा आर्द्रा 07:10 17:30
25-12-2064 द्वितीया पुनर्वसु 07:10 17:31
26-12-2064 तृतीया पुष्य 07:10 17:32
27-12-2064 चतुर्थी आश्लेषा 07:11 17:32
28-12-2064 पंचमी मघा 07:11 17:33
29-12-2064 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 07:11 17:34
30-12-2064 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 07:12 17:34
31-12-2064 अष्टमी हस्त 07:12 17:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

कुछ गड़बड़ हुई। फिर से लोड करें 🗙

Rejoining the server...

Rejoin failed... trying again in seconds.

Failed to rejoin.
Please retry or reload the page.

The session has been paused by the server.

Failed to resume the session.
Please retry or reload the page.