व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1947

इंदूर, Indore, Madhya Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-1947
रविवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशी
03-02-1947
सोमवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-02-1947
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
08-02-1947
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
12-02-1947
बुधवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 21:43
16-02-1947
रविवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
18-02-1947
मंगलवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-02-1947
बुधवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
20-02-1947
गुरुवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1947 दशमी रोहिणी 07:06 18:14
02-02-1947 एकादशी मृगशिरा 07:05 18:15
03-02-1947 द्वादशी आर्द्रा 07:05 18:15
04-02-1947 चतुर्दशी पुनर्वसु 07:05 18:16
05-02-1947 पूर्णिमा पुष्य 07:04 18:17
06-02-1947 प्रतिपदा आश्लेषा 07:04 18:17
07-02-1947 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 07:03 18:18
08-02-1947 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 07:03 18:18
09-02-1947 चतुर्थी हस्त 07:02 18:19
10-02-1947 पंचमी चित्रा 07:02 18:20
11-02-1947 षष्ठी स्वाति 07:01 18:20
12-02-1947 सप्तमी स्वाति 07:01 18:21
13-02-1947 अष्टमी विशाखा 07:00 18:21
14-02-1947 नवमी अनुराधा 06:59 18:22
15-02-1947 दशमी ज्येष्ठा 06:59 18:22
16-02-1947 एकादशी मूल 06:58 18:23
17-02-1947 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 06:57 18:24
18-02-1947 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:57 18:24
19-02-1947 चतुर्दशी श्रवण 06:56 18:25
20-02-1947 अमावस्या धनिष्ठा 06:55 18:25
21-02-1947 अमावस्या शतभिषा 06:55 18:26
22-02-1947 प्रतिपदा पूर्वा भाद्रपद 06:54 18:26
23-02-1947 द्वितीया उत्तरा भाद्रपद 06:53 18:27
24-02-1947 तृतीया रेवती 06:52 18:27
25-02-1947 चतुर्थी अश्विनी 06:52 18:28
26-02-1947 षष्ठी भरणी 06:51 18:28
27-02-1947 सप्तमी कृत्तिका 06:50 18:29
28-02-1947 अष्टमी रोहिणी 06:49 18:29

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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