व्रत और त्योहार — दिसंबर 1971

जयपुर, Jaipur, Rajasthan, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-12-1971
गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
05-12-1971
रविवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
13-12-1971
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सफला एकादशी
15-12-1971
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
16-12-1971
गुरुवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 07:59
17-12-1971
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
28-12-1971
मंगलवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
29-12-1971
बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
31-12-1971
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-1971 चतुर्दशी कृत्तिका 06:57 17:33
02-12-1971 पूर्णिमा रोहिणी 06:58 17:33
03-12-1971 प्रतिपदा मृगशिरा 06:59 17:33
04-12-1971 द्वितीया आर्द्रा 06:59 17:33
05-12-1971 चतुर्थी पुनर्वसु 07:00 17:33
06-12-1971 पंचमी पुष्य 07:01 17:33
07-12-1971 षष्ठी आश्लेषा 07:02 17:33
08-12-1971 सप्तमी मघा 07:02 17:33
09-12-1971 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:03 17:34
10-12-1971 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:04 17:34
11-12-1971 नवमी हस्त 07:04 17:34
12-12-1971 दशमी हस्त 07:05 17:34
13-12-1971 एकादशी चित्रा 07:06 17:35
14-12-1971 द्वादशी स्वाति 07:06 17:35
15-12-1971 त्रयोदशी विशाखा 07:07 17:35
16-12-1971 चतुर्दशी अनुराधा 07:08 17:36
17-12-1971 अमावस्या ज्येष्ठा 07:08 17:36
18-12-1971 प्रतिपदा मूल 07:09 17:36
19-12-1971 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:09 17:37
20-12-1971 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:10 17:37
21-12-1971 चतुर्थी श्रवण 07:10 17:38
22-12-1971 पंचमी धनिष्ठा 07:11 17:38
23-12-1971 षष्ठी शतभिषा 07:11 17:39
24-12-1971 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:12 17:39
25-12-1971 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:12 17:40
26-12-1971 नवमी रेवती 07:13 17:40
27-12-1971 दशमी अश्विनी 07:13 17:41
28-12-1971 एकादशी भरणी 07:14 17:42
29-12-1971 द्वादशी कृत्तिका 07:14 17:42
30-12-1971 चतुर्दशी रोहिणी 07:14 17:43
31-12-1971 पूर्णिमा मृगशिरा 07:15 17:43

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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