व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1984

जमशेदपुर, Purba Singhbhum, Jharkhand, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-02-1984
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
07-02-1984
मंगलवार
पंचमी, शुक्ल पक्ष
माघ
त्योहार वसंत पंचमी
13-02-1984
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत जया एकादशीसंक्रांति कुंभ संक्रांति · 09:21
14-02-1984
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
19-02-1984
रविवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-02-1984
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
28-02-1984
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-02-1984
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1984 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 06:24 17:32
02-02-1984 प्रतिपदा श्रवण 06:24 17:33
03-02-1984 प्रतिपदा धनिष्ठा 06:24 17:34
04-02-1984 द्वितीया शतभिषा 06:23 17:34
05-02-1984 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 06:23 17:35
06-02-1984 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 06:22 17:36
07-02-1984 पंचमी रेवती 06:22 17:36
08-02-1984 षष्ठी अश्विनी 06:21 17:37
09-02-1984 सप्तमी अश्विनी 06:21 17:37
10-02-1984 अष्टमी भरणी 06:20 17:38
11-02-1984 नवमी कृत्तिका 06:20 17:39
12-02-1984 दशमी रोहिणी 06:19 17:39
13-02-1984 एकादशी मृगशिरा 06:19 17:40
14-02-1984 द्वादशी आर्द्रा 06:18 17:40
15-02-1984 त्रयोदशी पुष्य 06:17 17:41
16-02-1984 चतुर्दशी आश्लेषा 06:17 17:41
17-02-1984 प्रतिपदा मघा 06:16 17:42
18-02-1984 द्वितीया पूर्वा फाल्गुनी 06:15 17:43
19-02-1984 तृतीया उत्तरा फाल्गुनी 06:15 17:43
20-02-1984 चतुर्थी हस्त 06:14 17:44
21-02-1984 पंचमी चित्रा 06:13 17:44
22-02-1984 षष्ठी स्वाति 06:13 17:45
23-02-1984 सप्तमी विशाखा 06:12 17:45
24-02-1984 अष्टमी अनुराधा 06:11 17:46
25-02-1984 नवमी ज्येष्ठा 06:10 17:46
26-02-1984 दशमी मूल 06:09 17:47
27-02-1984 एकादशी पूर्वाषाढ़ा 06:09 17:47
28-02-1984 द्वादशी उत्तराषाढ़ा 06:08 17:48
29-02-1984 त्रयोदशी श्रवण 06:07 17:48

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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