व्रत और त्योहार — जुलाई 1984

Kallakurichi, Kallakurichi district, Tamil Nadu, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
09-07-1984
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत देवशयनी एकादशी
10-07-1984
मंगलवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-07-1984
शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ़
त्योहार गुरु पूर्णिमाव्रत पूर्णिमा
16-07-1984
सोमवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय परसंक्रांति कर्क संक्रांति · 05:25
24-07-1984
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत कामिका एकादशी
26-07-1984
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल मेंव्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
28-07-1984
शनिवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
श्रावण
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-07-1984 तृतीया पुष्य 05:53 18:42
02-07-1984 चतुर्थी आश्लेषा 05:53 18:42
03-07-1984 पंचमी मघा 05:54 18:42
04-07-1984 षष्ठी पूर्वा फाल्गुनी 05:54 18:42
05-07-1984 सप्तमी उत्तरा फाल्गुनी 05:54 18:42
06-07-1984 अष्टमी हस्त 05:55 18:42
07-07-1984 नवमी चित्रा 05:55 18:42
08-07-1984 दशमी विशाखा 05:55 18:42
09-07-1984 एकादशी अनुराधा 05:55 18:42
10-07-1984 द्वादशी ज्येष्ठा 05:56 18:42
11-07-1984 त्रयोदशी मूल 05:56 18:42
12-07-1984 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 05:56 18:42
13-07-1984 पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा 05:56 18:42
14-07-1984 प्रतिपदा उत्तराषाढ़ा 05:57 18:42
15-07-1984 द्वितीया श्रवण 05:57 18:42
16-07-1984 तृतीया धनिष्ठा 05:57 18:42
17-07-1984 चतुर्थी शतभिषा 05:57 18:42
18-07-1984 पंचमी पूर्वा भाद्रपद 05:58 18:42
19-07-1984 षष्ठी उत्तरा भाद्रपद 05:58 18:42
20-07-1984 सप्तमी रेवती 05:58 18:42
21-07-1984 अष्टमी अश्विनी 05:58 18:42
22-07-1984 नवमी भरणी 05:59 18:41
23-07-1984 दशमी कृत्तिका 05:59 18:41
24-07-1984 एकादशी रोहिणी 05:59 18:41
25-07-1984 द्वादशी रोहिणी 05:59 18:41
26-07-1984 त्रयोदशी आर्द्रा 06:00 18:41
27-07-1984 चतुर्दशी पुनर्वसु 06:00 18:40
28-07-1984 अमावस्या पुष्य 06:00 18:40
29-07-1984 प्रतिपदा आश्लेषा 06:00 18:40
30-07-1984 द्वितीया मघा 06:00 18:40
31-07-1984 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 06:01 18:39

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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