व्रत और त्योहार — अप्रैल 2099

कलकत्ता, Kolkata, West Bengal, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
03-04-2099
शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-04-2099
रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
चैत्र
त्योहार हनुमान जयंतीव्रत पूर्णिमा
08-04-2099
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
15-04-2099
बुधवार
दशमी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
संक्रांति मेष संक्रांति (बैसाखी) · 02:33
16-04-2099
गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत वरूथिनी एकादशी
17-04-2099
शुक्रवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-04-2099
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
20-04-2099
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
वैशाख
व्रत अमावस्या
23-04-2099
गुरुवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
वैशाख
त्योहार अक्षय तृतीया
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-04-2099 दशमी पुष्य 05:29 17:52
02-04-2099 द्वादशी मघा 05:28 17:52
03-04-2099 त्रयोदशी पूर्वा फाल्गुनी 05:27 17:52
04-04-2099 चतुर्दशी उत्तरा फाल्गुनी 05:26 17:53
05-04-2099 पूर्णिमा हस्त 05:25 17:53
06-04-2099 प्रतिपदा चित्रा 05:24 17:53
07-04-2099 द्वितीया स्वाति 05:23 17:54
08-04-2099 तृतीया विशाखा 05:22 17:54
09-04-2099 पंचमी अनुराधा 05:21 17:54
10-04-2099 षष्ठी ज्येष्ठा 05:20 17:55
11-04-2099 सप्तमी मूल 05:19 17:55
12-04-2099 अष्टमी पूर्वाषाढ़ा 05:18 17:56
13-04-2099 नवमी उत्तराषाढ़ा 05:18 17:56
14-04-2099 नवमी श्रवण 05:17 17:56
15-04-2099 दशमी धनिष्ठा 05:16 17:57
16-04-2099 एकादशी शतभिषा 05:15 17:57
17-04-2099 द्वादशी पूर्वा भाद्रपद 05:14 17:57
18-04-2099 त्रयोदशी उत्तरा भाद्रपद 05:13 17:58
19-04-2099 चतुर्दशी उत्तरा भाद्रपद 05:12 17:58
20-04-2099 अमावस्या रेवती 05:12 17:59
21-04-2099 प्रतिपदा अश्विनी 05:11 17:59
22-04-2099 द्वितीया भरणी 05:10 17:59
23-04-2099 तृतीया कृत्तिका 05:09 18:00
24-04-2099 चतुर्थी रोहिणी 05:09 18:00
25-04-2099 पंचमी मृगशिरा 05:08 18:01
26-04-2099 षष्ठी आर्द्रा 05:07 18:01
27-04-2099 सप्तमी पुनर्वसु 05:06 18:01
28-04-2099 अष्टमी पुष्य 05:06 18:02
29-04-2099 नवमी आश्लेषा 05:05 18:02
30-04-2099 दशमी मघा 05:04 18:03

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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