व्रत और त्योहार — दिसंबर 2063

लुधियाना, Ludhiāna, Punjab, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
01-12-2063
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
त्योहार गीता जयंतीव्रत मोक्षदा एकादशी
03-12-2063
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
05-12-2063
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
व्रत पूर्णिमा
16-12-2063
रविवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
पौष
संक्रांति धनु संक्रांति · 22:11
17-12-2063
सोमवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
18-12-2063
मंगलवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
19-12-2063
बुधवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
पौष
व्रत अमावस्या
31-12-2063
सोमवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-12-2063 एकादशी रेवती 07:06 17:24
02-12-2063 द्वादशी अश्विनी 07:07 17:24
03-12-2063 त्रयोदशी अश्विनी 07:07 17:24
04-12-2063 चतुर्दशी भरणी 07:08 17:24
05-12-2063 पूर्णिमा कृत्तिका 07:09 17:24
06-12-2063 प्रतिपदा रोहिणी 07:10 17:24
07-12-2063 द्वितीया मृगशिरा 07:10 17:24
08-12-2063 तृतीया आर्द्रा 07:11 17:24
09-12-2063 चतुर्थी पुष्य 07:12 17:25
10-12-2063 पंचमी आश्लेषा 07:13 17:25
11-12-2063 षष्ठी मघा 07:13 17:25
12-12-2063 सप्तमी पूर्वा फाल्गुनी 07:14 17:25
13-12-2063 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 07:15 17:25
14-12-2063 नवमी हस्त 07:15 17:26
15-12-2063 दशमी चित्रा 07:16 17:26
16-12-2063 द्वादशी स्वाति 07:17 17:26
17-12-2063 त्रयोदशी विशाखा 07:17 17:27
18-12-2063 चतुर्दशी अनुराधा 07:18 17:27
19-12-2063 अमावस्या ज्येष्ठा 07:18 17:28
20-12-2063 प्रतिपदा मूल 07:19 17:28
21-12-2063 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 07:19 17:29
22-12-2063 तृतीया उत्तराषाढ़ा 07:20 17:29
23-12-2063 चतुर्थी श्रवण 07:20 17:30
24-12-2063 पंचमी धनिष्ठा 07:21 17:30
25-12-2063 पंचमी शतभिषा 07:21 17:31
26-12-2063 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:22 17:31
27-12-2063 सप्तमी पूर्वा भाद्रपद 07:22 17:32
28-12-2063 अष्टमी उत्तरा भाद्रपद 07:22 17:33
29-12-2063 नवमी रेवती 07:23 17:33
30-12-2063 दशमी अश्विनी 07:23 17:34
31-12-2063 एकादशी भरणी 07:23 17:35

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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