व्रत और त्योहार — फ़रवरी 2064

मीरत, Meerut, Uttar Pradesh, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-2064
शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
माघ
व्रत पूर्णिमा
05-02-2064
मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
12-02-2064
मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
13-02-2064
बुधवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
संक्रांति कुंभ संक्रांति · 21:56
14-02-2064
गुरुवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
15-02-2064
शुक्रवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
17-02-2064
रविवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत अमावस्या
28-02-2064
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत आमलकी एकादशी
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-2064 त्रयोदशी पुनर्वसु 07:07 17:57
02-02-2064 पूर्णिमा पुष्य 07:07 17:58
03-02-2064 प्रतिपदा आश्लेषा 07:06 17:59
04-02-2064 द्वितीया मघा 07:06 18:00
05-02-2064 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:05 18:00
06-02-2064 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 07:04 18:01
07-02-2064 पंचमी हस्त 07:04 18:02
08-02-2064 षष्ठी चित्रा 07:03 18:03
09-02-2064 सप्तमी स्वाति 07:02 18:04
10-02-2064 नवमी विशाखा 07:01 18:04
11-02-2064 दशमी अनुराधा 07:01 18:05
12-02-2064 एकादशी ज्येष्ठा 07:00 18:06
13-02-2064 द्वादशी मूल 06:59 18:07
14-02-2064 त्रयोदशी पूर्वाषाढ़ा 06:58 18:08
15-02-2064 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 06:57 18:08
16-02-2064 चतुर्दशी श्रवण 06:57 18:09
17-02-2064 अमावस्या धनिष्ठा 06:56 18:10
18-02-2064 प्रतिपदा शतभिषा 06:55 18:11
19-02-2064 द्वितीया पूर्वा भाद्रपद 06:54 18:11
20-02-2064 तृतीया उत्तरा भाद्रपद 06:53 18:12
21-02-2064 चतुर्थी रेवती 06:52 18:13
22-02-2064 पंचमी अश्विनी 06:51 18:13
23-02-2064 षष्ठी अश्विनी 06:50 18:14
24-02-2064 सप्तमी भरणी 06:49 18:15
25-02-2064 अष्टमी कृत्तिका 06:48 18:16
26-02-2064 नवमी रोहिणी 06:47 18:16
27-02-2064 दशमी मृगशिरा 06:46 18:17
28-02-2064 एकादशी आर्द्रा 06:45 18:18
29-02-2064 द्वादशी पुनर्वसु 06:44 18:18

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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