व्रत और त्योहार — फ़रवरी 1972

Rājkot, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
02-02-1972
बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
11-02-1972
शुक्रवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत विजया एकादशी
12-02-1972
शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-02-1972
रविवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
फाल्गुन
त्योहार महाशिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) मेंसंक्रांति कुंभ संक्रांति · 07:35
26-02-1972
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
28-02-1972
सोमवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
त्योहार होलिका दहन · प्रदोष काल में
29-02-1972
मंगलवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
व्रत पूर्णिमा
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-02-1972 द्वितीया मघा 07:25 18:35
02-02-1972 तृतीया पूर्वा फाल्गुनी 07:25 18:35
03-02-1972 चतुर्थी उत्तरा फाल्गुनी 07:25 18:36
04-02-1972 पंचमी हस्त 07:24 18:37
05-02-1972 षष्ठी चित्रा 07:24 18:37
06-02-1972 सप्तमी स्वाति 07:23 18:38
07-02-1972 अष्टमी स्वाति 07:23 18:38
08-02-1972 नवमी विशाखा 07:22 18:39
09-02-1972 नवमी अनुराधा 07:22 18:40
10-02-1972 दशमी ज्येष्ठा 07:21 18:40
11-02-1972 एकादशी मूल 07:21 18:41
12-02-1972 द्वादशी पूर्वाषाढ़ा 07:20 18:41
13-02-1972 त्रयोदशी उत्तराषाढ़ा 07:20 18:42
14-02-1972 चतुर्दशी श्रवण 07:19 18:42
15-02-1972 प्रतिपदा धनिष्ठा 07:18 18:43
16-02-1972 द्वितीया शतभिषा 07:18 18:44
17-02-1972 तृतीया पूर्वा भाद्रपद 07:17 18:44
18-02-1972 चतुर्थी उत्तरा भाद्रपद 07:17 18:45
19-02-1972 पंचमी अश्विनी 07:16 18:45
20-02-1972 षष्ठी भरणी 07:15 18:46
21-02-1972 सप्तमी कृत्तिका 07:14 18:46
22-02-1972 अष्टमी रोहिणी 07:14 18:47
23-02-1972 नवमी मृगशिरा 07:13 18:47
24-02-1972 दशमी आर्द्रा 07:12 18:48
25-02-1972 द्वादशी पुनर्वसु 07:11 18:48
26-02-1972 त्रयोदशी पुष्य 07:11 18:49
27-02-1972 चतुर्दशी आश्लेषा 07:10 18:49
28-02-1972 चतुर्दशी मघा 07:09 18:49
29-02-1972 पूर्णिमा पूर्वा फाल्गुनी 07:08 18:50

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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