व्रत और त्योहार — जनवरी 1968

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
11-01-1968
गुरुवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पौष पुत्रदा एकादशी
13-01-1968
शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
14-01-1968
रविवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
पौष
संक्रांति मकर संक्रांति · 18:00
15-01-1968
सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
व्रत पूर्णिमा
18-01-1968
गुरुवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
27-01-1968
शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत शनि प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
29-01-1968
सोमवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
माघ
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-01-1968 द्वितीया उत्तराषाढ़ा 07:15 18:08
02-01-1968 तृतीया श्रवण 07:15 18:08
03-01-1968 चतुर्थी धनिष्ठा 07:16 18:09
04-01-1968 पंचमी शतभिषा 07:16 18:10
05-01-1968 षष्ठी पूर्वा भाद्रपद 07:16 18:10
06-01-1968 सप्तमी उत्तरा भाद्रपद 07:17 18:11
07-01-1968 अष्टमी रेवती 07:17 18:11
08-01-1968 अष्टमी रेवती 07:17 18:12
09-01-1968 नवमी अश्विनी 07:17 18:13
10-01-1968 दशमी भरणी 07:17 18:13
11-01-1968 एकादशी कृत्तिका 07:18 18:14
12-01-1968 द्वादशी रोहिणी 07:18 18:15
13-01-1968 त्रयोदशी मृगशिरा 07:18 18:15
14-01-1968 चतुर्दशी आर्द्रा 07:18 18:16
15-01-1968 पूर्णिमा पुनर्वसु 07:18 18:17
16-01-1968 प्रतिपदा पुष्य 07:18 18:18
17-01-1968 द्वितीया आश्लेषा 07:18 18:18
18-01-1968 तृतीया मघा 07:18 18:19
19-01-1968 चतुर्थी पूर्वा फाल्गुनी 07:18 18:20
20-01-1968 पंचमी उत्तरा फाल्गुनी 07:18 18:20
21-01-1968 षष्ठी हस्त 07:18 18:21
22-01-1968 सप्तमी चित्रा 07:18 18:22
23-01-1968 अष्टमी स्वाति 07:18 18:22
24-01-1968 नवमी विशाखा 07:18 18:23
25-01-1968 दशमी अनुराधा 07:17 18:24
26-01-1968 द्वादशी ज्येष्ठा 07:17 18:24
27-01-1968 त्रयोदशी मूल 07:17 18:25
28-01-1968 चतुर्दशी पूर्वाषाढ़ा 07:17 18:25
29-01-1968 अमावस्या उत्तराषाढ़ा 07:16 18:26
30-01-1968 प्रतिपदा श्रवण 07:16 18:27
31-01-1968 द्वितीया धनिष्ठा 07:16 18:27

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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