व्रत और त्योहार — जून 1984

सुरत, Sūrat, Gujarat, India

इस माह

तिथि सूर्योदय पर तिथि व्रत / त्योहार
08-06-1984
शुक्रवार
नवमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
त्योहार गंगा दशहरा
09-06-1984
शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत निर्जला एकादशी
11-06-1984
सोमवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत सोम प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
13-06-1984
बुधवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
व्रत पूर्णिमा
14-06-1984
गुरुवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
संक्रांति मिथुन संक्रांति · 18:29
16-06-1984
शनिवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत संकष्टी चतुर्थी · चंद्रोदय पर
25-06-1984
सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत योगिनी एकादशी
26-06-1984
मंगलवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत प्रदोष व्रत · प्रदोष काल में
27-06-1984
बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत मासिक शिवरात्रि · निशीथ काल (मध्यरात्रि) में
29-06-1984
शुक्रवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
आषाढ़
व्रत अमावस्या
माह के सभी दिन
तिथितिथिनक्षत्रसूर्योदयसूर्यास्त
01-06-1984 द्वितीया मृगशिरा 05:56 19:16
02-06-1984 तृतीया आर्द्रा 05:56 19:17
03-06-1984 चतुर्थी पुनर्वसु 05:55 19:17
04-06-1984 पंचमी पुष्य 05:55 19:18
05-06-1984 षष्ठी आश्लेषा 05:55 19:18
06-06-1984 सप्तमी मघा 05:55 19:18
07-06-1984 अष्टमी उत्तरा फाल्गुनी 05:55 19:19
08-06-1984 नवमी हस्त 05:55 19:19
09-06-1984 एकादशी चित्रा 05:55 19:19
10-06-1984 द्वादशी स्वाति 05:55 19:20
11-06-1984 त्रयोदशी विशाखा 05:56 19:20
12-06-1984 चतुर्दशी अनुराधा 05:56 19:20
13-06-1984 पूर्णिमा ज्येष्ठा 05:56 19:21
14-06-1984 प्रतिपदा मूल 05:56 19:21
15-06-1984 द्वितीया पूर्वाषाढ़ा 05:56 19:21
16-06-1984 तृतीया उत्तराषाढ़ा 05:56 19:22
17-06-1984 चतुर्थी श्रवण 05:56 19:22
18-06-1984 पंचमी धनिष्ठा 05:56 19:22
19-06-1984 षष्ठी शतभिषा 05:57 19:22
20-06-1984 सप्तमी शतभिषा 05:57 19:23
21-06-1984 अष्टमी पूर्वा भाद्रपद 05:57 19:23
22-06-1984 नवमी उत्तरा भाद्रपद 05:57 19:23
23-06-1984 नवमी रेवती 05:57 19:23
24-06-1984 दशमी अश्विनी 05:58 19:23
25-06-1984 एकादशी भरणी 05:58 19:24
26-06-1984 द्वादशी कृत्तिका 05:58 19:24
27-06-1984 त्रयोदशी रोहिणी 05:58 19:24
28-06-1984 चतुर्दशी मृगशिरा 05:59 19:24
29-06-1984 अमावस्या आर्द्रा 05:59 19:24
30-06-1984 प्रतिपदा पुनर्वसु 05:59 19:24

मास उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति से हैं; कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद वाले मास का माना जाता है। त्योहार उस दिन माना गया है जब उसके पालन के समय वह तिथि हो — अधिकतर सूर्योदय पर, दीपावली और होलिका दहन प्रदोष में, जन्माष्टमी और शिवरात्रि मध्यरात्रि में, करवा चौथ चंद्रोदय पर — और स्थानीय परंपरा में कभी एक दिन का अंतर हो सकता है। संदेह हो तो अपने पुरोहित से पूछें।

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