लहसुनिया
लहसुनिया केतु का रत्न है — वैराग्य, अध्यात्म और गुप्त विषयों से संबंधित।
किसके लिए सुझाया जाता है?
केतु दशा में अथवा केतु के प्रबल प्रभाव में विचार किया जाता है।
किससे जोड़ा जाता है
अनुकूल होने पर मन को स्थिर करने और आकस्मिक हानि घटाने वाला माना जाता है।
सावधानी: गोमेद की तरह संवेदनशील रत्न — पहले परीक्षण और ज्योतिषी की सलाह के साथ।
परंपरागत रूप से कैसे धारण करें
- ग्रह
- केतु
- अन्य नाम
- केतु रत्न, कैट्स आई
- धातु
- चांदी या पंचधातु
- उंगली
- मध्यमा या अनामिका
- दिन व समय
- बुधवार संध्या
- वजन
- सामान्यतः 5–7 रत्ती, ज्योतिषी के अनुसार
- मंत्र
- ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
धारण से पूर्व अंगूठी को कच्चे दूध व स्वच्छ जल से धोकर मंत्र का 108 बार जाप करें — यह सामान्य विधि है, अनिवार्य नियम नहीं।
यह रत्न आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, यह आपकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है — ग्रह किस भाव का स्वामी है, उसका बल और वर्तमान दशा। मुफ्त कुंडली बनाकर देखें कि आपकी कुंडली किन रत्नों की ओर संकेत करती है।