माणिक्य
माणिक्य सूर्य का रत्न है — मान-सम्मान, स्वास्थ्य और पिता का कारक।
किसके लिए सुझाया जाता है?
तब सुझाया जाता है जब सूर्य लग्नेश, पंचमेश या नवमेश हो और बल की आवश्यकता हो।
किससे जोड़ा जाता है
आत्मविश्वास, कार्यक्षेत्र में पहचान और ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
सावधानी: यदि सूर्य आपके लग्न के लिए अशुभ स्वामी हो या अत्यधिक पीड़ित हो तो प्रायः टाला जाता है।
परंपरागत रूप से कैसे धारण करें
- ग्रह
- सूर्य
- अन्य नाम
- सूर्य रत्न, रूबी
- धातु
- सोना या तांबा
- उंगली
- अनामिका
- दिन व समय
- रविवार प्रातःकाल
- वजन
- सामान्यतः 3–6 रत्ती, ज्योतिषी के अनुसार
- मंत्र
- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
धारण से पूर्व अंगूठी को कच्चे दूध व स्वच्छ जल से धोकर मंत्र का 108 बार जाप करें — यह सामान्य विधि है, अनिवार्य नियम नहीं।
यह रत्न आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, यह आपकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है — ग्रह किस भाव का स्वामी है, उसका बल और वर्तमान दशा। मुफ्त कुंडली बनाकर देखें कि आपकी कुंडली किन रत्नों की ओर संकेत करती है।