नीलम
नीलम शनि ग्रह का रत्न है — अनुशासन, परिश्रम और दीर्घकालिक परिणाम का कारक।
किसके लिए सुझाया जाता है?
तब सुझाया जाता है जब शनि आपके लग्न के लिए शुभ भाव का स्वामी हो, प्रायः साढ़े साती या शनि दशा में।
किससे जोड़ा जाता है
अनुकूल होने पर एकाग्रता, कार्य में स्थिरता और विलंब से राहत देने वाला माना जाता है।
सावधानी: नीलम सबसे शीघ्र प्रभाव देने वाला रत्न है। पहले कुछ दिन परीक्षण रूप में और ज्योतिषी की जांच के बाद ही धारण करें।
परंपरागत रूप से कैसे धारण करें
- ग्रह
- शनि
- अन्य नाम
- शनि रत्न, ब्लू सफायर
- धातु
- चांदी या पंचधातु
- उंगली
- मध्यमा
- दिन व समय
- शनिवार संध्या
- वजन
- सामान्यतः 4–7 रत्ती, ज्योतिषी के अनुसार
- मंत्र
- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
धारण से पूर्व अंगूठी को कच्चे दूध व स्वच्छ जल से धोकर मंत्र का 108 बार जाप करें — यह सामान्य विधि है, अनिवार्य नियम नहीं।
यह रत्न आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, यह आपकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है — ग्रह किस भाव का स्वामी है, उसका बल और वर्तमान दशा। मुफ्त कुंडली बनाकर देखें कि आपकी कुंडली किन रत्नों की ओर संकेत करती है।