मोती
मोती चंद्रमा का रत्न है — मन, माता और भावनाओं का कारक।
किसके लिए सुझाया जाता है?
तब सुझाया जाता है जब चंद्रमा निर्बल या पीड़ित हो, अथवा शुभ भाव का स्वामी हो।
किससे जोड़ा जाता है
परंपरा में मानसिक शांति, अच्छी नींद और भावनात्मक संतुलन के लिए उपयोग होता है।
सावधानी: सामान्यतः गोमेद या लहसुनिया के साथ धारण नहीं किया जाता।
परंपरागत रूप से कैसे धारण करें
- ग्रह
- चंद्र
- अन्य नाम
- चंद्र रत्न, पर्ल
- धातु
- चांदी
- उंगली
- कनिष्ठा
- दिन व समय
- सोमवार संध्या
- वजन
- सामान्यतः 4–7 रत्ती, ज्योतिषी के अनुसार
- मंत्र
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
धारण से पूर्व अंगूठी को कच्चे दूध व स्वच्छ जल से धोकर मंत्र का 108 बार जाप करें — यह सामान्य विधि है, अनिवार्य नियम नहीं।
यह रत्न आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, यह आपकी जन्म कुंडली पर निर्भर करता है — ग्रह किस भाव का स्वामी है, उसका बल और वर्तमान दशा। मुफ्त कुंडली बनाकर देखें कि आपकी कुंडली किन रत्नों की ओर संकेत करती है।